जो लोग अल्लाह के घरों में से किसी घर में इकठ्ठा हो कर अल्लाह की किताब की तिलावत हैं ओर एक दूसरे को उसका दर्श देते है तो उन पर अल्लाह की ओर से शान्ति होती हैं ओर रहमत उन्हें ढाँप लैती है और फरिसतै उन्हें घेर लेते है और अल्लाह ताआला अपने पास मोजूद फरिसतो में उनका जिक्र करता है (अबू दाऊद)
अनस (रजि) से नबी (स) की किराआत के बारे मैं पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया: आप तिलावत करते शमय अपनी आवाज़ को खींचा करते थे
जो व्यक्ति इखलास के साथ कुरान पडेगा वह सवाब का हकदार हैं
तुम उन मै से न हो जाना जो कुरान को छोड़ देंतै हैं
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